हरियाणा नगर निकाय के चुनावों में ‘नोटा’ भी रहेगा प्रत्याशी…

हरियाणा नगर निकाय के चुनावों में केवल नामांकन भरने वाले प्रत्याशी ही नहीं बल्कि नोटा भी एक कल्पित प्रत्याशी रहेगा। यदि नोटा को बाकी प्रत्याशियों से ज्यादा मत मिलते हैं तो संबंधित चुनाव रद माना जाएगा। हालांकि लोकसभा व विधानसभा के चुनावों में अभी तक ऐसा नहीं है।

दरअसल हरियाणा के नगर निगम चुनाव में तकनीकी रूप से नोटा भी एक कल्पित प्रत्याशी रहेगा। यानी नोटा को मिलने वाले मत रिकार्ड पर लिए जाएंगे। ऐसी अवस्था में अगर नोटा के पक्ष में डाले गए वोट संबंधित चुनाव क्षेत्र के सभी प्रत्याशियों को व्यक्तिगत तौर पर प्राप्त वोटों से अधिक हैं, तो उस परिस्थिति में किसी भी प्रत्याशी को उस वार्ड से निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा।

उस अवस्था में संबंधित रिटर्निंग आफिसर द्वारा इस बारे में निर्वाचन आयोग को सूचित किया जाएगा एवं आयोग द्वारा उस चुनावी क्षेत्र में वह चुनाव पूर्णतया रद्द कर दोबारा चुनाव करवाया जाएगा, जिसमें उन सभी पिछले प्रत्याशियों को चुनाव नहीं लड़ने दिया जाएगा, जिन्होंने पिछले रद किए गए चुनाव में नोटा से कम वोट प्राप्त किए थे।

मालूम हो कि नवंबर 2018 के बाद हरियाणा निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में नगर निकायों के जितने भी चुनाव करवाये गए हैं, उनमें मतदान के दौरान प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानी ईवीएम में न केवल नोटा (नन ऑफ द अबाव) अर्थात उपरोक्त में से कोई भी नहीं का बटन विकल्प दिया गया है। इसी के साथ आयोग ने उसके द्वारा जारी एक आदेश से यह भी व्यवस्था लागू कर रखी है कि चुनावों में नोटा को एक फिक्शनल इलेक्शन कैंडिडेट (कल्पित चुनावी प्रत्याशी) माना जाएगा एवं उसके पक्ष में पड़ी वोटों को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा।

म्यूनिसिपल कानून जानकार के अनुसार अगर दूसरी बार करवाए गए चुनाव की मतगणना में भी नोटा के पक्ष में सर्वाधिक वोट पड़ते हैं तो ऐसी परिस्थिति में तीसरी बार नया चुनाव नहीं करवाया जाएगा एवं नोटा के बाद सर्वाधिक वोट हासिल करने वाले दूसरे नंबर के प्रत्याशी को उस चुनाव में विजयी घोषित कर दिया जाएगा। यह नियम नगर निगम मेयर, नगर परिषद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष के अलावा वार्ड सदस्य के चुनाव पर भी लागू होता है।

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