
आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को दिल्ली सरकार पर वायु गुणवत्ता डेटा में हेरफेर करने का आरोप लगाया। पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। आप ने राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ते प्रदूषण के बीच बड़े पैमाने पर डेटा धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
प्रदूषण रीडिंग में हो रहा हेरफेर
आप दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों पर पानी छिड़ककर प्रदूषण रीडिंग में हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक जहांगीरपुरी स्टेशन का हवाला दिया। भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने गुप्ता और सिरसा के साथ यह मुद्दा कई बार उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने उनकी चिंताओं को दूर करने से परहेज किया।
आपराधिक कार्रवाई की मांग
भारद्वाज ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को एक औपचारिक शिकायत दी। इसमें उन्होंने परिवेशी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डेटा में कथित हेरफेर के लिए गुप्ता और सिरसा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने निगरानी स्टेशनों के साथ कथित भौतिक हस्तक्षेप की तत्काल, स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच की भी मांग की। इसके साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) द्वारा प्रबंधित डेटा अधिग्रहण प्रणालियों और निगरानी स्थानों का सख्त ऑडिट भी मांगा।
जन स्वास्थ्य पर जोखिम
भारद्वाज ने सीपीसीबी को लिखे अपने पत्र में कहा कि लाखों संवेदनशील लोग आधिकारिक एक्यूआई रीडिंग पर निर्भर रहते हैं। इनमें गंभीर अस्थमा रोगी, सीओपीडी रोगी, गर्भवती महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और छोटे बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली सरकार मनगढ़ंत, कम एक्यूआई डेटा प्रकाशित करती है, तो संवेदनशील रोगियों को सुरक्षा का झूठा एहसास होता है। इससे लोग बाहर निकल सकते हैं या आवश्यक चिकित्सा सावधानियों को छोड़ सकते हैं, जिससे वे खतरनाक प्रदूषकों के संपर्क में आ सकते हैं। भारद्वाज ने चेतावनी दी कि ऐसे संपर्क से गंभीर श्वसन और हृदय संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं, जिससे जन स्वास्थ्य को खतरा होगा। बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थी, सीपीसीबी के अनुसार एक्यूआई 379 दर्ज किया गया।



