उत्तराखंड: नितिन नवीन ने दिया हारी सीटों पर बूथ प्रबंधन का मंत्र

प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ने हारी हुईं विधानसभा सीटें जीतने की रणनीति बनाई है। इन विधानसभा सीटों पर बूथ प्रबंधन के लिए भाजपा युद्ध जैसी रणनीति बनाएगी। प्रदेश कोर कमेटी का प्रत्येक सदस्य हारी विधानसभा सीटों में दो-दो दिन का प्रवास करेंगे।

भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 2027 के चुनाव के लिए बूथ प्रबंधन का मंत्र दिया। आगामी विस चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन किया। लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भाजपा को जिन विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, उन सीट को जीतने के लिए भाजपा बूथ प्रबंधन के लिए युद्ध जैसी रणनीति बनाकर मैदान में उतरेगी। कोर कमेटी की बैठक सिर्फ आगामी चुनाव पर केंद्रित रही। बूथ को जीतने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को टिप्स दिए।

बैठक में हारी हुईं विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथों के लिए कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी। इसके अलावा कोर कमेटी के सभी सदस्य दो-दो दिन के प्रवास विधानसभा में करेंगे। प्रवास के दौरान विधानसभा कोर कमेटी के साथ बैठक करने के साथ ही सदस्य बूथ स्तर पर भी जाएंगे। विधानसभा की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को सुझाव भी देंगे। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बंसल समेत पांचों लोकसभा सांसद, मंत्री व अन्य पदाधिकारी मौजूद रह।

विपक्षी दलों की रणनीति पर रहेगी निगाह
भाजपा की विपक्ष दलों की रणनीति पर निगाह रहेगी। खास तौर उन सीट पर जहां भाजपा को हार मिली। विपक्षी दलों व उनके नेताओं की क्या रणनीति है, लोग उन्हें क्यों पंसद करते हैं, भाजपा के हार का क्या कारण है, इन सीटों पर विपक्ष की रणनीति का जवाब देने के लिए भाजपा की बूथ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति तैयार करेगी।

एक-एक कार्यकर्ता के काम का विभाजन
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कोर कमेटी में आगामी चुनाव की रणनीति व पार्टी कार्यक्रमों पर चर्चा कर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मार्गदर्शन किया है। एक-एक कार्यकर्ता के काम का विभाजन किया गया। प्रदेश कोर कमेटी के 17 सदस्यों का जून, जुलाई अगस्त तक विधानसभा प्रवास का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। सदस्यों का किस विधानसभा में प्रभाव है, उसके आधार पर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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