क्या आप भी नाश्ते में रोज खाते हैं ‘ब्रेड-ऑमलेट’? 

ब्रेड ऑमलेट कई लोगों का कॉमन ब्रेकफास्ट होता है। ये नाश्ता आसानी से बन जाता है और इसका स्वाद भी अच्छा होता है। इसलिए लोग इसे ब्रेकफास्ट के लिए काफी पसंद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं रोज ब्रेड ऑमलेट खाना आपकी सेहत पर क्या असर डालता है?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको ब्रेड, अंडे और ऑमलेट बनाने का तरीके से जुड़ी कुछ बातों के बारे में समझना पड़ेगा। आइए जानें इस बारे में।

कौन-सा ब्रेड चुनें?
नाश्ते के बाद शरीर का ब्लड शुगर काफी हद तक आपकी ब्रेड पर निर्भर करता है। व्हाइट ब्रड मैदे से बनती है। इस ब्रेड से ब्लड शुगर लेवल बहुत तेजी से बढ़ता है और भूख भी जल्दी लगती है। वहीं, होल ग्रेन ब्रेड में फाइबर ज्यादा होता है, जिसस यह धीरे-धीरे डाइजेस्ट होती है और लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है।

अंडे और ऑमलेट का पोषण
अंडा शरीर को प्रोटीन और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देता है, जैसे- विटामिन-बी12 और कोलीन। विटामिन-बी12 और कोलीन दिमाग को हेल्दी रखने लिए काफी जरूरी होते हैं। प्रोटीन मौजूद होने की वजह से अंडा खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल अचानक से नहीं बढ़ता और भूख भी जल्दी नहीं लगती।

ऑमलेट बनाने का तरीका
ब्रेड ऑमलेट किताना पौष्टिक है, ये ऑमलेट बनाने के तरीके पर भी निर्भर करता है। सादा ऑमलेट प्रोटीन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरी भी कम होती है। इसी तरह वेजिटेबल ऑमलेट में सब्जियां मिली होने के कारण फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।

हालांकि, मसाला ऑमलेट उतना हेल्दी नहीं होता, क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। लेकिन अगर संतुलित मात्रा में अंडे या ऑमलेट खाए जाएं, तो सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं।

कुकिंग ऑयल कैसा चुनें?
ऑमलेट बनाने के लिए आप कौन-सा तेल या मक्खन इस्तेमाल करते हैं, यह भी बहुत जरूरी है। बटर स्वादिष्ट तो लगता है, लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। ऑलिव ऑयल अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जो दिल के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। मक्खन की ही तरह सनफ्लावर ऑयल या मूंगफली ऑयल का भी सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें।

सही बैलेंस है जरूरी
ब्रेड ऑमलेट फायदेमंद है या नुकसानदेह, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे बनाते हैं। मैदे वाली ब्रेड सेहत को नुकसान पहुंचाएगी। इसी तरह बटर में बना ऑमलेट भी उतना फायदेमंद नहीं रहता। इसलिए ब्रेड ऑमलेट हमेशा होलग्रेन ब्रेड के साथ कम तेल में बने सब्जियों वाले ऑमलेट के साथ खाएं।

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