
आज का मॉडर्न जमाना शारीरिक रूप से भले ही राहत दे रहा है लेकिन मानसिक रूप से यह बहुत थकाने वाला है। हर दिन की भागदौड़, हर मिनट में बजता फोन और दिनभर का स्क्रीन टाइम मेंटल हेल्थ पर भारी पड़ रहा है, यही वजह है कि लोग ध्यान के साथ-साथ विपश्यना की तरफ भी रुख कर रहे हैं।
ऐसे में हमें जानना जरूरी है कि आखिर क्यों लोग विपश्यना चुन रहे हैं, इसे करने की प्रक्रिया क्या है और यह हमें किस तरह की फायदे पहुंचाता है।
क्या है विपश्यना?
विपश्यना का अर्थ समझने के लिए हमें इसके नाम पर गौर करना होगा। यह दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें ‘वि’ का अर्थ स्पष्ट और ‘पश्यना’ का मूल मतलब होता है देखना। इस तरह विपश्यना साफ देखने की एक प्रक्रिया है। सरल शब्दों में इसे समझें तो जो चीजें हमारे अससपास जैसी हैं, उसे वैसी ही स्थिति में देखना ही विपश्यना है।
मान लीजिए कि आपका सपना महंगी कार खरीदना है, ऐसे में विपश्यना आपकी इस इच्छा को बिना उसे पाए बारीकी से देखने और उसे महसूस करने में मदद करेगा कि क्या वाकई में यह जरूरत है या केवल शौक।
2500 साल पुरानी ध्यान करने की तकनीक
इसकी खोज आज से 2500 साल पहले गौतम बुद्ध ने की थी, उन्होंने इस ध्यान को सभी दु:खों का इलाज माना था। विपश्यना का मुख्य उद्देश्य मन से सभी अशुद्धियों को खत्म कर आनंद पाना है। दरअसल, यह खुद को ट्रांसफॉर्म करने का तरीका है, जिसमें शारीरिक सेन्सेशन के जरिए शरीर और मन को आपस में जोड़ा जाता है।
आज यह तकनीक ट्रेंड में है और इसके लिए अलग से 10 दिन के कैंप भी लगाए जा रहे हैं। जहां मन और शरीर का संतुलन बनाने के लिए बिना किसी सोशल मीडिया के मौन रहा जाता है।
घर पर विपश्यना ध्यान कैसे करें?
दिमाग को एकदम शांत करें।
अपनी ब्रीदिंग पर गौर करें।
शरीर में महसूस होने वाली संवेदनाओं पर नजर रखना।
अपने विचारों, बीते खराब अनुभवों और भविष्य की चिंता को छोड़कर वर्तमान को स्वीकार करें।
अपने साथ-साथ दूसरों के प्रति दया-करुणा की भावना रखें।
किसी शांत जगह पर पालथी मारकर बैठ जाएं। इसके लिए सुबह का समय चुनने में समझदारी है।
अब आंखे बंद करके अपनी सांस पर ध्यान दें।
अगर अपका ध्यान बार-बार हट जाता है तो फिर से उसे सांस पर फोकस में लगाएं।
साथ ही अपने सकारात्मक और नकारात्मक विचारों को देखें।
शुरुआत 10-15 मिनट से करें और समय के साथ यह टाइम बढ़ाएं।
विपश्यना ध्यान के फायदे
तनाव कम करे
याददाश्त अच्छी रखे
जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाए
माइंडफुलनेस बढ़ाए
पहले से अच्छा फोकस और अटेन्शन
सोचने-समझने की बेहतर क्षमता
आरामदायक सुकून भरी नींद
सेहत में पहले से सुधार



