
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की सख्ती के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले प्रदेश के 14 जिलों में संचालित पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्रिशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। इसके बाद एक अक्तूबर से बिना पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी) के तेल नहीं मिलेगा। जिन पेट्रोल-डीजल के वाहनों की अवधि पूरी हो चुकी है उन्हें भी तेल देने पर पाबंदी रहेगी। पहले चरण में यह योजना दिल्ली से सटे 4 शहरों में लागू होगी। इसके बाद शेष शहरों में इसे शुरू किया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। एनसीआर में शामिल 14 जिलों में 2780 पेट्रोल पंप चिह्नित किए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर परिवहन विभाग ने हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (हारट्रोन) को कैमरे लगाने का जिम्मा सौंपा है। हारट्रोन ने पेट्रोल पंपों पर 5000 एएनपीआर कैमरे लगाने के लिए करीब 177 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
पेट्रोल पंपों पर 30 सितंबर तक कैमरे लगाए जाएंगे
वाहन सॉफ्टवेयर से सभी वाहनों के नंबर जोड़े जाएंगे। एनसीआर के पेट्रोल पंपों पर 30 सितंबर तक कैमरे लगाए जाएंगे। जब बिना पीयूसीसी या मियाद पूरी कर चुके वाहन पेट्रोल पंप पर एंट्री करेंगे तो कैमरा संबंधित वाहनों के नंबरों का फोटो खींचेगा। पेट्रोल पंपों पर तेल भरने से पहले ही ऐसे वाहनों का नंचर बड़ी स्क्रीन पर डिस्प्ले और अनाउंस होगा। मियाद पूरी कर चुके वाहनों को तेल नहीं दिया जाएगा और ऐसे वाहनों का ब्योरा विभाग तैयार करता रहेगा। संबंधित वाहन चालकों को वाहन स्क्रैप कराने का संदेश दिया जाएगा। ऐसे वाहनों को एनसीआर के शहरों में ट्रैफिक पुलिस जब्त करके स्क्रैप के लिए भेज सकती है।
फरीदाबाद, सोनीपत, गुरुग्राम व झज्जर से होगी शुरुआत
राज्य में एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, नूंह (मेवात), पलवल, पानीपत, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, जींद व करनाल जिले शामिल हैं। फरीदाबाद, सोनीपत, गुरुग्राम व झज्जर दिल्ली के सबसे निकट हैं। इन्हीं चार शहरों में संचालित पंपों पर सबसे पहले कैमरे लगाकर योजना को लागू करने की तैयारी है।



