
यूपीएससी ने परीक्षा केंद्रों पर सभी उम्मीदवारों के लिए चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है और कुछ सेवाओं में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के लिए पात्रता संबंधी सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं। इन परिवर्तनों की घोषणा सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के लिए गुरुवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना में की गई।
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की जाएगी। आयोग ने इस वर्ष की भर्ती प्रक्रिया के लिए 933 रिक्तियों की घोषणा की है। इनमें से 33 पद विशेष दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं।
यह प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी द्वारा प्रतिवर्ष तीन चरणों में आयोजित की जाती है-प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार। इसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा और भारतीय पुलिस सेवा आदि के अधिकारियों का चयन किया जाता है।
यूपीएससी ने कहा है कि सुरक्षित और सुचारु परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल पर अनिवार्य रूप से चेहरे की पहचान करानी होगी।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे चेहरे की पहचान/सत्यापन और तलाशी के लिए परीक्षा स्थल पर समय से पहले पहुंचें। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे पहचान और अन्य विवरणों के सहज और निर्बाध सत्यापन के लिए अपने आधार कार्ड का उपयोग पहचान पत्र के रूप में करें।



