
15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से नई पहचान बनाई है। आईपीएल 2025 और 2026 में आक्रामक बल्लेबाजी करने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू किया। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव ने डेब्यू कैप पहनी। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ 3 पारियों में वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए।
जिम्बाब्वे में किया कमाल
इंग्लैंड के बाद वैभव को जिम्बाब्वे दौरे पर मौका मिला। अभिषेक शर्मा इस सीरीज में बुरी तरह फेल रहे, ऐसे में मोर्चा सलामी बल्लेबाज वैभव ने संभाला। युवा बल्लेबाज ने 3 पारियों में 151 रन बनाए। आखिरी टी20 में वह प्लेयर ऑफ द मैच बने। साथ ही उन्हें प्लेयर ऑफ सीरीज का अवॉर्ड भी दिया गया।
यह अहम होगा
भारत के पूर्व खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा का मानना है कि वैभव व्हाइट-बॉल क्रिकेट सचिन तेंदुलकर से भी ज्यादा असर डाल सकते हैं। उथप्पा ने CommBoxTV पर कहा, “क्या वह सचिन तेंदुलकर से कहीं ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर असर डाल सकते हैं? हां, शायद डाल सकते हैं। उन्हें कैसे संभाला जाता है, यह अहम होगा।”
कांबली-शॉ का उदाहरण दिया
भारत के पूर्व बल्लेबाज ने वैभव को आगाह करने के लिए विनोद कांबली और पृथ्वी शॉ का उदाहरण भी दिया। उथप्पा ने कहा, “हमने पहले भी भारतीय क्रिकेट में शानदार खिलाड़ियों को उभरते देखा है। हमने विनोद कांबली और पृथ्वी शॉ को देखा। जब वे 17-18 साल के थे, तो लोग पूछने लगे थे कि वे क्या बनेंगे। वे क्या बनने वाले हैं? फिर अचानक वे रास्ते से भटक गए।”
खेल पर फोकस
उन्होंने आगे कहा, “एक तरह से यह वैभव की पहली परीक्षा होगी। क्या वह अगले 5 सालों तक खेल के प्रति अपना समर्पण बनाए रख सकते हैं? वह अभी 15 साल के हैं, तो क्या वह 20 साल के होने तक ऐसा ही बने रह सकते हैं? उनकी देखभाल करने के लिए काफी लोग हैं। उन्हें सिर्फ खेल पर ध्यान देना चाहिए।”
बहुत मासूमियत दिखती है
उथप्पा ने कहा, “जब हम उनकी बातें सुनते हैं, तो उनमें बहुत मासूमियत दिखती है। मुझे यह बात बहुत पसंद है कि वह हर विज्ञापन और हर डील को मना कर रहे हैं जो उन्हें मिल रही है। वह सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। अभी उन्हें एक बच्चे के तौर पर देखा जा रहा है। जब वह 18 साल के होंगे, तो उन्हें एक पुरुष के तौर पर देखा जाने लगेगा। महिलाओं का ध्यान भी उनकी ओर आएगा। इससे भी लोग भटक सकते हैं।”



