
सीहोर में पार्वती नदी पुल निर्माण हेतु मंगाए 39.62 टन सरिए में से 12–15 टन गायब मिला। ठेकेदार की शिकायत पर ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक और चालक पर मामला दर्ज हुआ है।
सीहोर में निर्माणाधीन पार्वती नदी पुल परियोजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। भोपाल से बुलवाया गया 39.62 टन सरिया साइट पर पहुंचा तो उसमें 12 से 15 टन तक माल कम मिला। शिकायत के बाद कोतवाली थाने में ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक और वाहन चालक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।
सीहोर जिले में पार्वती नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। पुल निर्माण ठेकेदार द्वारा वर्धा, नागपुर (महाराष्ट्र) से मंगाया गया 39.62 टन सरिया जब साइट पर खाली किया गया तो उसमें से 12 से 15 टन तक सरिया गायब मिला। यह खुलासा होते ही निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया। करोड़ों की परियोजना में इस तरह की हेरा-फेरी ने निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात में गायब हुआ ट्रेलर, सुबह लौटकर दिया बहाना
फरियादी चोप्पा लोकनाथम नायडू, निवासी भोपाल, ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 19 नवंबर 2025 को चौहान ट्रांसपोर्ट कंपनी, भोपाल के माध्यम से सरिया मंगवाया गया था। ट्रेलर क्रमांक MP 04 YJ 6655 को चालक दाऊद खान उर्फ आबिद, निवासी भरतपुर (राजस्थान) लेकर आया था। साइट पर पहुंचने के बाद ट्रक का तोल कांटा कराया गया और उसे खाली करने के लिए खड़ा किया गया। इसी दौरान चालक बिना किसी सूचना के ट्रेलर लेकर मौके से फरार हो गया। कर्मचारियों ने तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे वह स्वयं ट्रक लेकर लौटा और पूछताछ में “खाना खाने जाने” का बहाना बना दिया।
माल खाली होते ही खुली बड़ी चोरी की पोल
जब ट्रक से सरिया खाली कराया गया तो वजन में भारी अंतर सामने आया। 39.62 टन की खेप में से 12 से 15 टन सरिया कम निकला। माल सप्लायर गोयल ट्रेडर्स के रोहन गोयल से संपर्क किया गया तो उन्होंने ट्रांसपोर्ट मालिक रोबिन सिंह चौहान से बात करने की बात कही, लेकिन उसके बाद भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे ठेकेदार को आशंका हुई कि माल की सुनियोजित तरीके से खुर्द-बुर्द की गई है।
ट्रांसपोर्ट मालिक और ड्राइवर पर संगीन धाराओं में केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली, जिला सीहोर में अपराध क्रमांक 120/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी चालक दाऊद खान उर्फ आबिद और ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक रोबिन सिंह चौहान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316 (5) के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपराधिक विश्वासघात और माल की हेरा-फेरी का प्रतीत होता है। पुलिस दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्य पर पड़ा असर, करोड़ों की परियोजना सवालों में
पार्वती नदी पुल निर्माण परियोजना क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में निर्माण सामग्री में इस तरह की हेराफेरी से न केवल कार्य प्रभावित हुआ है बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी और निजी परियोजनाओं में इस प्रकार की संगठित चोरी बढ़ सकती है। 12 से 15 टन सरिया की बाजार कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है, जो सीधे-सीधे आर्थिक नुकसान है।
जल्द गिरफ्तारी के संकेत, पुलिस जांच तेज
कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। ट्रेलर की मूवमेंट, सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन खंगाली जा रही है। पुलिस को संदेह है कि सरिया को रास्ते में कहीं उतारकर अवैध रूप से बेचने की साजिश रची गई। जांच अधिकारी सूत्रों के अनुसार, यदि साक्ष्य पुख्ता मिले तो आरोपियों पर और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। सीहोर में सामने आया यह मामला निर्माण सामग्री की सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है। अब सबकी निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर 15 टन सरिया कहां गायब हुआ और इसके पीछे कौन-कौन शामिल है।



