
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत राय ने अपने कुछ करीबी सहयोगियों से कहा है कि उनकी “अयोध्या में सेवा पूरी हो गई है” और वह कथित राम मंदिर दान गबन विवाद से जुड़े “कलंक” के साथ नहीं रहेंगे। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि फिलहाल एकांतवास में रह रहे राय ने यह भी कहा कि उनके साथ ‘विश्वासघात’ हुआ है।
हालांकि यह साफ नहीं हुआ कि उनका इशारा किसकी ओर था। यह घटनाक्रम राम मंदिर के दान में कथित गबन के विवाद और ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की वकीलों के एक वर्ग की मांग के बीच आया है। सूत्रों ने कहा कि राय और उनके साथ ही ट्रस्ट में अपने पद से इस्तीफा दे चुके अनिल मिश्रा का भविष्य छह जुलाई को अयोध्या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से तय होने की संभावना है।
बैठक में ट्रस्ट प्रबंधन से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर खासकर पिछले महीने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल की सिफारिशों के बारे में चर्चा होने की उम्मीद है।



