
देश की दिग्गज तेल और गैस उत्पादक कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। PL Capital (Prabhudas Lilladher) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 2.7% की बढ़त दर्ज की गई है, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों (Crude Realization) के कारण संभव हो पाई है।
रेवेन्यू और मुनाफे का गणित
रिपोर्ट के मुताबिक, ONGC का रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 13.9% बढ़कर 359.3 अरब रुपये रहा।
वहीं, कंपनी का एडजस्टेड शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर 6% बढ़कर 73 अरब रुपये पर पहुँच गया है।
हालांकि, तिमाही आधार पर मुनाफे में 17.2% की गिरावट देखी गई है। कंपनी को कच्चे तेल के लिए 78.3 डॉलर प्रति बैरल की कीमत मिली, जो पिछली तिमाही के 61.6 डॉलर के मुकाबले काफी बेहतर है।
उत्पादन में गिरावट बनी चुनौती
भले ही वित्तीय आंकड़े मजबूत दिख रहे हों, लेकिन उत्पादन के मोर्चे पर कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टैंडअलोन बिक्री मात्रा (Sales Volume) में सालाना आधार पर 3.5% की गिरावट आई है। कच्चे तेल का उत्पादन 4.7 mmt रहा, जो सालाना आधार पर 5.7% कम है। इसी तरह गैस उत्पादन में भी 2.3% की कमी दर्ज की गई है।
भविष्य की रणनीति: ‘गैस’ पर बड़ा दांव
ONGC अब अपने पोर्टफोलियो को ‘गैस-आधारित’ बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है।
नए कुओं की खुदाई: कंपनी की योजना लगभग 500 नए कुएं खोदने की है, जिनमें 400 डेवलपमेंट कुएं होंगे।
NWG का योगदान: कुल गैस बिक्री में ‘न्यू वेल गैस’ (NWG) की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 21% हो गई है।
बड़ा निवेश (Capex): वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी ने 300 से 320 अरब रुपये के पूंजीगत व्यय (Capex) का अनुमान लगाया है।
निवेश की सलाह और टारगेट प्राइस
PL Capital ने ONGC के शेयर पर अपनी ‘Accumulate’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, उत्पादन में निरंतर कमजोरी को देखते हुए टारगेट प्राइस को पहले के 309 रुपये से घटाकर 297 रुपये कर दिया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में KG-98/2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से उत्पादन शुरू होने पर स्थिति में सुधार होगा।



