फ्लाईदुबई के को-पायलट ने ऑस्ट्रेलिया में 2 साल तक की थी इंजीनियरिंग की पढ़ाई?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बीते बुधवार को हुए सनसनीखेज हमले के बाद अब आतंकी को-पायलट हमम अल-हम्मामी के अतीत की परतें उधड़ने लगी हैं। इस घटना को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक ‘आतंकी हमला’ करार दिया है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं।

ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच जांच का दायरा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 वर्षीय ओमान नागरिक हमम अल-हम्मामी साल 2014 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था और अगले साल वहां यूनिवर्सिटी में कोर्स शुरू किया था।

वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया से चला गया और 2019 में उसका वीजा रद कर दिया गया था, क्योंकि अधिकारियों ने पुष्टि कर ली थी कि वह अब उस कोर्स में एनरोल नहीं है। अब ऑस्ट्रेलियन अधिकारियों ने उसके प्रवास को लेकर औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

ओमान एयर ने पहले ही लगा दिया था बैन

बता दें कि इससे पहले जांच में यह भी सामने आया है कि अल-हम्मामी को ओमान में पहले ही उड़ानों से प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस पर शक था कि उसने चरमपंथी विचार अपना लिए हैं। इसके बाद उसे ओमान एयर में एक प्रशासनिक नौकरी पर भेज दिया गया था।

इस दौरान उसने सीरिया का भी दौरा किया था, जिससे एजेंसियों को अंदेशा हुआ कि वह वहां किसी कट्टरपंथी समूह के प्रभाव में आ गया था। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने भी पुष्टि की है कि वह इस्लामी कट्टरपंथ का शिकार हो चुका था।

करियर और एजुकेशन का काला चिट्ठा

रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी ने 7 साल तक ओमान एयर में काम किया और फरवरी 2025 में वहां से इस्तीफा दिया। इसके बाद जून 2025 में उसने मोरक्को की नेशनल एयरलाइन ‘रॉयल एयर मारोक’ ज्वाइन की, लेकिन तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद उसे नौकरी के लिए नहीं चुना गया। इसके बाद उसे फ्लाईदुबई एयरलाइन ने बतौर को-पायलट रख लिया।

गौर करने वाली बात यह भी है कि आतंकी को-पायलट ने यूके की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में डिस्टेंस-लर्निंग की डिग्री ली थी। यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि उसने वहां से कोई पायलट ट्रेनिंग नहीं ली थी।

सोशल मीडिया पर ‘आतंकियों’ के वीडियो शेयर किए

कुल मिलाकर आतंकी को-पायलट की हैवानियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हमला करने के करीब 9 घंटे बाद, अल-हम्मामी के लिंक्डइन अकाउंट से खूंखार आतंकवादियों के वीडियो शेयर किए गए।

उसने ओसामा बिन लादेन के बाद अल-कायदा का नेतृत्व करने वाले अयमान अल-जवाहिरी और 2009 में अफगानिस्तान में अमेरिकी सीआईए अधिकारियों को बम धमाके में उड़ाने वाले सुसाइड बॉम्बर हुमाम खलील से जुड़े पोस्ट किए। हालांकि बाद में उसका इंस्टाग्राम और लिंक्डइन अकाउंट डिलीट कर दिया गया।

अब समझिए विमान के अंदर क्या हुआ था?

गौरतलब है कि बुधवार को दुबई से 170 से अधिक यात्रियों को लेकर इजरायल जा रही उड़ान के दौरान, ओमान के इस को-पायलट ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में कुल्हाड़ी से अचानक हमला कर दिया था।

इसके बाद विमान ने 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14000 फीट की खतरनाक गोताखोरी लगाई। कैप्टन स्मित की सूझबूझ और यात्रियों-क्रू की बहादुरी से विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा महा-विनाश टल गया।

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