युद्ध नशेआं विरुद्ध अभियान: फाजिल्का पुलिस ने 8 माह में 1331 नशा तस्कर किए गिरफ्तार

फाजिल्का के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गगन अजीत सिंह ने कहा कि संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

फाजिल्का जिला पुलिस ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पिछले आठ महीनों में 924 मामलों में 1331 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 41.124 किलोग्राम हेरोइन सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए।

पुलिस ने 3.85 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, 6.503 किलोग्राम अफीम, 42 ग्राम चरस और 250.537 किलोग्राम पोस्त की भूसी बरामद की। नशीली दवाओं के 15,843 कैप्सूल और गोलियां भी जब्त की गईं। नशा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 38 वाहन भी जब्त किए गए हैं। पंजाब पुलिस के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि फाजिल्का पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास पर भी विशेष जोर दिया गया है। कुल 252 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया, जबकि 1809 लोगों को आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट केंद्रों के लिए रेफर किया गया।

संगठित अपराध पर अंकुश और सामुदायिक संपर्क
जिला पुलिस ने ‘गैंगस्टरां ‘ते वार’ अभियान के तहत भी प्रगति की है। विभिन्न गिरोहों से जुड़े गैंगस्टरों के कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। फाजिल्का के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गगन अजीत सिंह ने कहा कि संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 25 पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, 32 मैगजीन, 52 जिंदा कारतूस और तीन ड्रोन बरामद किए गए। पुलिस ने 99 ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ बैठकें और 334 नशा विरोधी जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं।

तकनीक का उपयोग और जन सुरक्षा
पुलिस जांच और कार्रवाई को मजबूत करने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है। पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम और वाहन डेटाबेस पहचान सत्यापन में मदद करते हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के लिए डिजिटल फोरेंसिक लैब भी स्थापित की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी और तकनीक आधारित खुफिया तंत्र ने अपराध का पता लगाने में मदद की है। नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड और ‘अन्वेषक’ जैसे एप्लिकेशन अपराधियों का पता लगाने में सहायक हैं।

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